जानकारी का अधिकार अधिनियम - 2005
अधिनियम की धारा 4 (I) (बी) के तहत दिये गये दस्तावेजों की जानकारी

 

संगठन, कर्तव्य और कार्य का विवरण

 

परिचय

न्‍यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है जो भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत कार्यरत है। इस कंपनी को कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत सितंबर, 1987 को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के रूप में पंजीकृत किया गया था जिसका उद्देश्‍य परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 के अंतर्गत, भारत सरकार की योजनाओं व कार्यक्रमों का अनुपालन करते हुए विद्युत उत्‍पादन के लिए, परमाणु विद्युत संयंत्रों का प्रचालन एवं परमाणु विद्युत परियोजनाओं को क्रियान्वित करना था। एनपीसीआईएल,देश में द्रुत प्रजनक रिएक्‍टर कार्यक्रम का क्रियान्‍वयन कर रहे परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के एक अन्‍य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम भाविनि, में भी सम-सहभागी है।

 

एनपीसीआईएल बनने से पहले की पृष्ठभूमि

एनपीसीआईएल, न्‍यूक्लियर विद्युत रिएक्‍टरों के अभिकल्‍पन, निर्माण, कमीशनिंग व प्रचालन के प्रति उत्‍तरदायी है। एनपीसीआईएल, समझौता-ज्ञापन हस्‍ताक्षरकर्ता, लाभार्जक व डिवेडेंट भुगतानकर्ता कंपनी है जिसकी क्रेडिट रेटिंग उच्‍चतम (सीआरआईएसएल व सीएआरई द्वारा एएए ) स्‍तर की है। एनपीसीआईएल, वर्तमान में कुल 6780 मेगावाट विद्युत क्षमता सहित 22 वाणिज्यिक न्‍यूक्लियर विद्युत रिएक्‍टरों का प्रचालन कर रहा है। रिएक्‍टरों के इस बेड़े में दो क्‍वथन जल रिएक्‍टरर्स (बीडब्‍ल्‍यूआर) व 18 दाबित भारी पानी रिएक्‍टरर्स (पीएचडब्‍ल्‍यूआर) हैं जिसमें से एक 100 मेगावाट विद्युत क्षमता वाला दाबित भारी पानी रिएक्‍टर परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार के स्‍वामित्‍व के अंतर्गत है तथा दो 1000 मेगावाट वीवीईआर रिएक्टर इकाई केकेएनपीपी-1 व 2 है, इस बेड़े में हाल ही में, 1000 मेगावाट विद्युत क्षमता वाली कुडनकुलम न्‍यूक्लियर विद्युत परियोजना की इकाई-2 जो कि वीवीईआर( दाबित पानी रिएक्‍टर) प्रकार की है, शामिल हुई है जिसने गत 31 मार्च, 2017 से अपना वाणिज्यिक प्रचालन प्रारंभ कर दिया है। वर्तमान में एनपीसीआईएल के आठ रिएक्‍टर निर्माण के विभिन्‍न चरणों में हैं और जिनकी कुल विद्युत क्षमता 6200 मेगावाट है।

सरकार द्वारा ‘सैद्धांतिक’ रूप से अनुमोदित किए जा चुके नए स्‍थलों पर परियोजना-पूर्व कार्यकलाप प्रारंभ किए जा चुके हैं ताकि इन स्‍थलों पर शीघ्रातिशीघ्र परियोजनाएं प्रारंभ की जा सकें।

एक जिम्‍मेदार कार्पोरेट नागरिक होने के नाते एनपीसीआईएल निगम सामाजिक उत्‍तरदायित्‍वों को पूरा करने तथा संधारणीय विकास (एसडी) से संबंधित परियोजनाओं को क्रियान्वित करता रहा है। कंपनी अपने निगम अभिशासन को लोक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप करती है।

 

एनपीसीआईएल लक्ष्य

कंपनी का मिशन ‘देश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सुरक्षित, पर्यावरणीय सौम्‍य और आर्थिक रूप से व्‍यवहार्य स्रोत के रूप में न्‍यूक्लियर विद्युत प्रौद्योगिकी का विकास करना तथा न्‍यूक्लियर विद्युत का उत्‍पादन करना है।’

 

एनपीसीआईएल उद्देश्य

  • पहले संरक्षा और फिर उत्पादन के लक्ष्य के साथ नाभिकीय बिजलीघरों से अधिकतम बिजली उत्पादन कर लाभ कमाना ।
  • देश में विद्युत मांग की वृद्धि को ध्‍यान में रखते हुए उपलब्‍ध संसाधनों के अनुरूप देश में न्‍यूक्लियर विद्युत की उत्‍पादन क्षमता को सुरक्षित, किफायती व द्रुत तरीके से बढ़ाना।
  • इस संगठन व इससे जुड़े संगठनों में न्‍यूक्लियर विद्युत कार्यक्रम से संबंधित गुणवत्‍ता आश्‍वासन कार्यकलाप जारी रखना व उन्‍हें मजबूत करना।
  • उच्‍च प्रौद्योगिकी के अनुरूप कार्मिकों की कार्य-क्षमता व कार्यनिष्‍पादन में सुधार लाने की दृष्टि से मानव संसाधन विकास (एचआरडी) कार्यक्रम के माध्‍यम से सभी स्‍तरों पर कार्मिकों को कार्य-दक्ष करना।
  • न्‍यूक्लियर विद्युत उत्‍पादन से संबंधित पर्यावरणीय संरक्षण उपायों को मजबूत बनाकर जारी रखना।
  • निकटवर्ती जनता के सर्वांगीण विकास के लिए निकटवर्ती आबादी कल्‍याणकारी कार्यक्रमों/निगम सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व कार्यकलापों को जारी रखना व उन्‍हें मजबूत बनाना।
  • राष्‍ट्रीय व अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तरों पर उपयुक्‍त प्रौद्योगिकीय क्षमताओं एवं विशेषज्ञता में भागीदारी करना।
  • अपने कार्यकलापों में आधुनिकीकरण एवं प्रौद्योगिकीय नवीनता लाना।
  • परमाणु ऊर्जा विभाग की अन्‍य इकाइयों के साथ दीर्घकालिक संबंध बनाए रखने के लिए तालमेल रखना व इसके लिए प्रयासरत रहना।

 

भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के स्थान

 

ठेका एवं खरीद पर उप-समिति

1 श्री ए.आर. सुले, निदेशक अध्यक्ष
2 श्रीमती रूबी श्रीवास्तव, निदेशक (वित्त) एवं सीएफओ सदस्य
3 श्री ए. के. बालासुब्रमण्यन, निदेशक (तकनीकी) सदस्य
4 श्री डी.एस. चौधरी, निदेशक (संचालन) सदस्य
5 श्री बी.सी. पाठक, निदेशक (परियोजनाएं) सदस्य
6 श्री जयंत एन. खोब्रागडे, निदेशक सदस्य

 

संसाधन के संघटन पर उप-समिति

1 श्री एस.के. शर्मा, सीएमडी, एनपीसीआईएल अध्यक्ष
2 श्रीमती रूबी श्रीवास्तव, निदेशक (वित्त) एवं सीएफओ सदस्य
3 श्री राजेश मरवाहा, स्वतंत्र निदेशक सदस्य

 

शेयर्स का आबंटन / हस्तांतरण समिति

1 श्री एस.के. शर्मा, सीएमडी अध्यक्ष
2 श्री एम. सेल्वराज, स्वतंत्र निदेशक सदस्य

 

बांड का आबंटन / हस्तांतरण समिति

1 श्री एस.के. शर्मा, सीएमडी अध्यक्ष
2 श्री एस. सिंघा रॉय, निदेशक (तकनीकी-एलडब्ल्यूआर) सदस्य
3 श्रीमती रूबी श्रीवास्तव, निदेशक (वित्त) एवं सीएफओ सदस्य
4 श्री राजेश मरवाहा, स्वतंत्र निदेशक सदस्य

 

निवेशकों की शिकायत निवारण समिति

1 श्री राजेश मरवाहा, स्वतंत्र निदेशक अध्यक्ष
2 श्री ए. के. बालासुब्रमण्यन, निदेशक (तकनीकी) सदस्य
3 श्री प्रकाश एस म्हास्के, निदेशक सदस्य

 

लेखा समिति

1 श्री एम. सेल्वराज, स्वतंत्र निदेशक अध्यक्ष
2 श्री राजेश मरवाह, स्वतंत्र निदेशक सदस्य
3 डॉ के. के. राजन, स्वतंत्र निदेशक सदस्य
4 श्री डी.एस. चौधरी, निदेशक (संचालन) सदस्य
5 श्री ए.आर. सुले , निदेशक सदस्य

 

निगम सामाजिक उत्तरदायित्व और स्थिरता के लिए उप-समिति

1 श्री जयंत एन खोब्रागडे, निदेशक अध्यक्ष
2 श्री डी.एस. चौधरी, निदेशक (संचालन) सदस्य
3 श्री बी.सी. पाठक, निदेशक (परियोजनाएं) सदस्य
4 श्री एम. सेल्वराज, स्वतंत्र निदेशक सदस्य

 

नामांकन और पारिश्रमिक के लिए उप-समिति

1 डॉ. अजीत कुमार मोहंती, निदेशक अध्यक्ष
2 डॉ. के के राजन, स्वतंत्र निदेशक सदस्य
3 श्री एम. सेल्वराज, स्वतंत्र निदेशक सदस्य

 

प्रसंस्करण परियोजनाओं की निगरानी के लिए उप-समिति

1 डॉ. के के राजन, स्वतंत्र निदेशक अध्यक्ष
2 श्री एस. सिंघा रॉय, निदेशक (तकनीकी-एलडब्ल्यूआर) सदस्य
3 श्रीमती रूबी श्रीवास्तव, निदेशक (वित्त) एवं सीएफओ सदस्य
4 श्री बी.सी. पाठक, निदेशक (परियोजनाएं) सदस्य
5 श्री जयंत एन. खोब्रागडे, निदेशक सदस्य
6 श्री ए.आर. सुले , निदेशक सदस्य

 

विशेष बोर्ड उप-समिति :

चुटका, मिठी विर्डी एवं कोव्वाड़ा परियोजनाओं के लिए आर एंड आर पैकेज देखने के लिए विशेष बोर्ड उप-समिति

1 श्री रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, निदेशक अध्यक्ष
2 श्री एस. सिंघा रॉय निदेशक, (तकनीकी-एलडब्ल्यूआर) सदस्य
3 डॉ. के के राजन, स्वतंत्र निदेशक सदस्य