श्री डी. एस. चौधरी
निदेशक, प्रचालन

श्री दिलबाग सिंह चौधरी, रानी दुर्गावती विश्वविधालय, जबलपुर, मध्यप्रदेश से इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी में स्नातक हैं। श्री चौधरी ने वर्ष 1985 में, बीएआरसी प्रशिक्षण विधालय के 29वें बैच में प्रशिक्षण प्राप्त कर परमाणु ऊर्जा विभाग में कार्यभार ग्रहण किया। एक-वर्षीय अनिवार्य अभिमुखी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरांत आपने पहले एक वर्ष के दौरान मद्रास परमाणु बिजलीघर में प्रचालन फील्ड इंजीनियर के रूप में कार्य किया व तत्पश्चात तेरह वर्षों तक ईंधन हैंडलिंग इकाई में प्रचालन एवं अनुरक्षण अभियंता के रूप में कार्य किया। आप, रिएक्टर कल-पुर्जों व प्रणालियों की स्वस्थता आकलन संबंधी कार्यों से भी सबद्ध रहे हैं। आपने, वर्ष 2000 में वरिष्ठ अनुरक्षण अभियंता के रूप में कार्यभार ग्रहण किया व मई, 2005 तक इस दायित्व का निर्वहन करते रहे। आपने अनेक कार्यों को पहली बार अंजाम दिया है जिनमें, ईएमसीसीआर से पहले, विश्व के किसी भी दाभापारिएक्टरों के लो बर्नअप वाले किरणित ईंधन बंडलों को एक इकाई से दूसरी इकाई में अंतरित करना, हाइड्रोजन पिकअप का आकलन करने के लिए ईंधन भरण मशीन का उपयोग करते हुए कूलेंट चैनलों की सिल्वर सैंपलिंग करना व कैलेंड्रिया के भीतरी हिस्सों, डम्प टैंक व सपोर्ट रॉड्स रिमोट टूलिंग की सहायता से आंखो देखा निरीक्षण कराना आदि प्रमुख हैं।

वर्ष 2005 में, आपको आरएपीपी- 5 व 6 में अनुरक्षण अधीक्षक के पद का कार्यदायित्व सौंपा गया। आपने, विभिन्न प्रणालियों की अनुरक्षण सुविधाएं व भंडार स्थापित किए, कमीशनिंग व अनुरक्षण दस्तावेज तैयार किए तथा उपकरणों की कमीशनिंग संबंधी कार्य संपन्न किए है। साथ ही आपने, ईंधन हैंडलिंग प्रणाली, कंट्रोल प्रणाली व विुत प्रणाली के कमीशनिंग अधीक्षक के रूप में कमीशनिंग कार्य संपन्न किए हैं। इन दोनों इकाइयों के ग्रिड से सिंक्रोनाइज होने तक तथा अनेक चुनौतीपूर्ण समस्याओं को दूर करते हुए इन इकाइयों के स्थिर रूप से प्रचालन करने तक आप, इसी पद पर बने रहे। गुणवत्तापूर्ण कमीशनिंग व कार्य संपादन तथा दूरदर्शिता एवं आपके साथ कार्यरत टीम की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप, उत्तरवर्ती वर्षों में इकाई-5 ने 765 दिनों के निरंतर प्रचालन का कीर्तिमान स्थापित किया।

वर्ष 2011 में आपने, एनएपीएस, उत्तर प्रदेश में मुख्य अधीक्षक पद का कार्यदायित्व ग्रहण किया व नवंबर, 2013 में आपको इसी विुत केंद के केंद्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया। प्रणालियों के कार्यनिष्पादन व कार्यपद्धतियों को बेहतर बनाने के परिणामस्वरूप यहां की दोनों इकाइयों ने बेहतर प्रदर्शन किया और यह केंद्र, लगातार कई वर्षों से, अधिकतर समय में, 90 प्रतिशत से उच्च क्षमता घटक पर कार्य कर रहा है।

22 जनवरी, 2018 को आपने केकेएनपीपी में स्थल निदेशक पद का कार्यभार ग्रहण किया और स्थल विशेष की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य पद्धतियों को व्यवस्थित किया। आपने, न्यूक्लियर विधुत केंद्रों में माल-सूची प्रबंधन पर तकनीकी दस्तावेज तैयार करने के आईएईए के कार्यानुदेश को पूरा किया है और आप एक प्रशिक्षित व योग्यताधारी वानो समीक्षक भी हैं। आपको ईंधन प्रहस्तन, न्यूक्लियर विधुत केंद्रों की कमीशनिंग तथा प्रचालन एवं अनुरक्षण में विशेषज्ञता हासिल है।

श्री डी.एस चौधरी ने 14 अगस्त, 2018 से निदेशक (प्रचालन), एनपीसीआईएल के रूप में कार्य भार ग्रहण किया है और न्यूक्लियर विधुत संयंत्रों के निष्पादन में सुधार कर एनपीसीआईएल को उच्चतर स्तर पर ले जाने हेतु केंद्रित रहते हैं। आप 12.09.2019 से ईसीआईएल और 03.09.2019 से एनआईएनईसीएल के निदेशक मंडल में अंशकालिक निदेशक भी हैं।