श्री मुकेश सिंघल
निदेशक, (मानव संसंधन)

श्री मुकेश सिंघल, परमाणु ऊर्जा विभाग के विशिष्ट वैज्ञानिक हैं। आपने वर्ष 1986 में, आई आई टी रुड़की से रसायन अभियांत्रिकी में आनर्स स्नातक की उपाधि प्राप्त की और तदुपरांत बी ए आर सी प्रशिक्षण विधालय के 30वें बैच में न्यूक्लियर अभियांत्रिकी में अभिमुखी प्रशिक्षण पाठयक्रम पूर्ण किया। श्री सिंघल ने 16 अक्तूबर, 2019 को निदेशक (मानव संसाधन) का पद दायित्व ग्रहण किया। निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में आप मानव संसाधन की दक्षता में सुधार के लिए नीति-निर्देश उपलब्ध कराकर और समग्र कार्य संस्कृति में अभिवृद्धि कर संगठनात्मक विकास कार्यकलापों पर केंद्रित रहते हैं। आपने सभी एनपीसीआईएल अवस्थानों में मानव संसाधन पेशेवरों के दल का नेतृत्व किया है। श्री सिंघल विकिरण एवं आईसोटोप प्रौद्योगिकी बोर्ड (बीआरआईटी), परमाणु ऊर्जा विभाग और एनपीसीआईएल अणुशक्ति विधुत निगम लिमिटेड के बोर्ड में हैं।

निदेशक (मानव संसाधन) का पदभार ग्रहण करने से पहले श्री सिंघल, अधिशासी निदेशक (रिएक्टर संरक्षा एवं विश्लेषण) पद के कार्य दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे जो निश्चयात्मक एवं संभाव्यात्मक संरक्षा आकलन के लिए उत्तरदायी थे। आपको कई वर्षों के दौरान विभिन्न पदों पर न्यूट्रॉनिकी, तापीय-द्रव इंजीनियरी, कंप्यूटेशनल तरल गतिकी, जोखिम, गहन दुर्घटना एवं विकिरण प्रभाव आकलन सहित रिएक्टर संरक्षा एवं विश्लेषण में विशेषज्ञता प्राप्त है। आप बहु-आयामी संरक्षा विश्लेषणों के प्रति उत्तरदायी थे जो कि न्यूक्लियर विधुत संयंत्रों के सुरक्षित अभिकल्पन व प्रचालन का अति महत्वपूर्ण अंग है। आप प्रगत भारी पानी रिएक्टर और प्रोटोटाइप तीव्र प्रजनक रिएक्टर के संरक्षा पुनरीक्षण से भी संबद्ध रहे हैं। श्री सिंघल ने परियोजना एवं अभिकल्पन संबंधी समस्त कार्य कलापों के लिए एनपीसी-संरक्षा पुनरीक्षण समिति के अध्यक्ष के रूप में एवं सभी प्रचालनरत केंद्रों के संरक्षा पुनरीक्षण हेतु समिति के सदस्य के रूप में संरक्षा समीक्षा के उत्तरदायित्व का निवर्हन किया।

अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय प्रकाशनों में श्री सिंघल के 70 से भी अधिक शोध –पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। आपने अनेक अंतरराष्ट्रीय मंचों (ओईसीडी/एनईए एवं आईएईए) पर स्व–गृहे विकसित न्यूक्लियर प्रौद्योगिकी को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित करने और संरक्षा विश्लेषण संहिताओं के प्रति अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति प्राप्त करने की दिशा में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। श्री सिंघल को एनपीसीआईएल उत्कृष्टता पुरस्कार 2010 से और भारतीय न्यूक्लियर विधुत कार्यक्रम में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए समूह उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।